क्लेम गाइड
रूम रेंट की सीमा, रूम रेंट से ज़्यादा काटती है
यह कटौती लोगों को सबसे ज़्यादा चौंकाती है। अच्छा कमरा लेने पर सिर्फ़ बढ़ा हुआ रूम रेंट नहीं जाता। कुछ पॉलिसी में पूरे बिल का एक हिस्सा कट जाता है।
यह सीमा क्या है
कई पॉलिसी बताती हैं कि आप किस तरह के कमरे के लिए कवर हैं। यह प्रतिदिन की रकम हो सकती है, या कमरे का प्रकार जैसे शेयरिंग या सिंगल, या सम इंश्योर्ड का प्रतिशत। अपने पॉलिसी पेपर में रूम रेंट लिमिट या रूम कैटेगरी देखें।
उसके अंदर रहें तो यह कुछ लागू नहीं होता। ऊपर जाएं तो दो चीज़ें हो सकती हैं: रूम रेंट सीमित हो जाता है, और कुछ पॉलिसी में उसी अनुपात में बाकी चार्ज से भी हिस्सा कटता है।
बाकी चार्ज क्यों काटते हैं
भारतीय अस्पतालों में महंगे कमरे का मतलब आम तौर पर सब कुछ महंगा: डॉक्टर विज़िट चार्ज, नर्सिंग चार्ज, कुछ प्रोसीजर चार्ज। तो अगर आप एक रेट के कमरे के लिए कवर थे और दोगुने रेट का कमरा लिया, तो कंपनी बाकी चार्ज को भी दोगुना मान सकती है।
आसान शब्दों में: अच्छा कमरा लेने पर सर्जरी, नर्सिंग और डॉक्टर फ़ीस का भी एक हिस्सा जा सकता है, सिर्फ़ बढ़ा रूम रेंट नहीं। इसलिए पॉलिसी की यह एक लाइन अक्सर बिल की सबसे बड़ी कटौती होती है।
एक उदाहरण
ये आंकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं, हिसाब समझाने के लिए। तरीका और कौन से चार्ज गिने जाएंगे, यह आपकी पॉलिसी तय करती है।
| रकम | |
|---|---|
| आपकी पॉलिसी में मंज़ूर रूम रेंट, प्रतिदिन | ₹ 5,000 |
| असल में लगा रूम रेंट, प्रतिदिन | ₹ 10,000 |
| तो कवर हिस्सा है | 50% |
| बिल में जुड़े बाकी चार्ज | ₹ 60,000 |
| उसमें से कंपनी दे सकती है | ₹ 30,000 |
| बाकी चार्ज से कटौती | ₹ 30,000 |
यहां बढ़ा रूम रेंट है ₹ 5,000 प्रतिदिन। बाकी बिल से कटौती है ₹ 30,000। यही फ़र्क बताता है कि इसे भर्ती से पहले देखना चाहिए, डिस्चार्ज के बाद नहीं।
यह सब पर लागू नहीं होता
कई पॉलिसी में रूम रेंट की कोई सीमा ही नहीं होती, और कुछ साफ़ लिखती हैं कि इस तरह की कटौती नहीं होगी। कुछ सिर्फ़ रूम रेंट सीमित करती हैं, बाकी को छोड़ देती हैं। इसलिए कुछ भी मान न लें। जवाब सिर्फ़ आपके पॉलिसी पेपर में है।
भर्ती से पहले क्या करें
- भर्ती से पहले अपनी रूम लिमिट पता करें पॉलिसी पेपर पढ़ें, या कंपनी से लिखित में पूछें। कमरा चुनते समय यह जानना, डिस्चार्ज के बाद जानने से बहुत ज़्यादा काम का है।
- अस्पताल से उसी सीमा में कमरा मांगें एडमिशन डेस्क को अपना कवर रूम टाइप और रेट बताएं। वे रोज़ यह करते हैं और तुरंत बता देंगे कौन सा कमरा फ़िट होता है।
- मंज़ूर कमरा खाली न हो तो लिखित में लें अस्पताल भरे होते हैं। अगर कुछ और उपलब्ध न होने से महंगा कमरा लेना पड़ा, तो उसी दिन इसका नोट मांग लें।
- फ़ाइनल बिल पर रूम टाइप जांचें देखें कि बिल में वही कमरा लिखा है जिसमें आप रहे। यहां टाइपिंग की गलती से बेवजह कटौती हो सकती है।
भेजने से पहले यह जांच लें
अपना बिल और डिस्चार्ज समरी अपलोड करें। हम बताएंगे आपसे कितना रूम रेंट लिया गया और पॉलिसी में उसे किससे मिलाकर देखना है।
मेरा क्लेम चेक करें पहली बार चेक करने के लिए साइन अप की ज़रूरत नहीं